एनआरआई (NRI) का मतलब क्या है | NRI Full Form Hindi

 
आज के इस लेख में हम आपको NRI Full Form से संबंधित जानकारी देने वाले है। काफी सारे ऐसे लोग है जिनके मन में कई तरह के सवाल जैसे  NRI कौन होता है, NRI किसे कहते है, NRI के लिए आधार कार्ड जरुरी है की नहीं, NRI को भारत में टैक्स देना पड़ता है की नहीं आदि होते है। भारत के ऐसे बहुत से लोग है जो किसी कारणवश विदेश में जाकर बस गए है। अधिकतर भारतीय नागरिक अच्छी नौकरी पाने के लिए या फिर अच्छी शिक्षा प्राप्त  करने के लिए विदेश में चले जाते है और इन्ही में से बहुत से नागरिक कुछ समय के बाद वही पर बस जाते है जिसे हम एनआरआई कहते है।
आज के समय में विदेशो में पढ़ाई करने के लिए भारत के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे ही बहुत से कारण होते है जिसके वजह से भारत के लोगो को विदेशो में जाना पड़ता है और वो विदेश की नागरिकता लेकर वही पर बस जाते है। तो आज हम इस पोस्ट के जरिये एनआरआई (NRI) क्या होता है, NRI का मतलब क्या होता है, NRI Status, NRI Taxation के बारे में विस्तार से जानेगे। 
 
NRI Full Form in Hindi

 

 

NRI Full Form in Hindi 

NRI का फुल फॉर्म Non-Resident Indian होता है, इसे हिंदी में प्रवासी भारतीय कहते है। जब कोई भारतीय नागरिक किसी कारण से विदेश में जाकर बस जाता है तो उस नागरिक को प्रवासी भारतीय यानि NRI का दर्जा दिया जाता है। 
 

NRI का मतलब क्या है? (NRI ka Matlab Kya Hai)

ऐसा व्यक्ति जिसका जन्म भारत में हुआ है लेकिन किसी कारण से वो इंसान विदेश में जाकर रह रहा है या फिर भारत का कोई व्यक्ति भारत की नागरिकता को छोड़ कर किसी अन्य देश की नागरिकता अपना लेता है तो ऐसे व्यक्ति को NRI कहते है। 
 
ऐसे लोगो को भी हम NRI बोल सकते है जिसके माता पिता तो भारतीय है लेकिन उनका जन्म किसी और देश में हुआ हो, और उन्हें उसी देश की नागरिकता मिल गयी होगी। यदि कोई व्यक्ति भारत से 6 महीने या उससे अधिक समय तक बाहर रहता है तो वो व्यक्ति भी NRI कहलायेगा।   
 
ऐसे ही भारत के बहुत से नागरिक है जो एक अच्छी नौकरी पाने के लिए, अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए या किसी प्रकार की ट्रेनिंग लेने के लिए विदेशो में चले जाते है और कुछ समय बाद वो विदेश रहने लगते है उसे प्रवासी भारतीय कहते है। 
 
दोस्तों चाहे कोई भी इंसान हो (महिला या पुरुष) किसी कारणवश विदेश में जाकर बस गए है उन्हें NRI का दर्जा दिया जाता है। आपके बता दूँ एक व्यक्ति के पास सिर्फ एक ही देश की नागरिकता होती है अर्थात एक व्यक्ति सिर्फ एक देश की नागरिकता प्राप्त कर सकता है। अगर किसी व्यक्ति के पास दो देशों की नागरिकता हैतो उस पर क़ानूनी कार्यवाही हो सकती है। 
 

NRI Taxation

एनआरआई को Fema के प्रावधानों के तहत Tax के नियमों से छूट दी जाती है। हर एनआरआई भारत में जितनी भी कमाई करता है उसे सिर्फ उनपर ही भारत सरकार को Tax देना पड़ता है यानि  एनआरआई को जो आय  विदेश से प्राप्त होती है उन पर भारत को कोई भी Tax नहीं देना पड़ता, विदेश की कमाई का Tax उसे विदेश में देना पड़ता है। 
 

NRI Status

भारत के इनकम टैक्स विभाग द्वारा ही NRI Status को तय किया जाता है यानि कोई व्यक्ति कितने समय तक भारत में रह रहा है उसे देखते हुए ही NRI Status तय होता है। इससे किसी इंसान के विदेश में रहने के उद्देश्य का पता चलता है। 
 
यदि कोई भारत का नागरिक विदेश में जाकर रह रहा है तो उसके लिए भी आधार कार्ड बनाना जरुरी हो जाता है। नागरिकता और आधार कार्ड का आपस में कोई संबंध नहीं है। एक एनआरआई को भारत में आकर ही अपना आधार कार्ड बनवाना होगा। क्युकी हमको पता है आज के समय में आधार कार्ड बहुत जरुरी है जो अधिकतर जगहों पर काम आती है इसलिए एनआरआई को भी आधार कार्ड बनवाना जरूरी हो जाता है। 
 
दोस्तों कई ऐसे देश है जहा भारतीय नागरिको की आबादी बहुत है जैसे कनाडा, अमेरिका आदि जहां भारतीय नागरिक अधिक संख्या में जाकर बसे हुए है और इन भारतीय लोगो का उस देश के प्रति बहुत योगदान है। ऐसे कई भारतीय है जो बड़े बड़े पदों पर बाहर के देशों में नौकरी करते हैं और उन देशों के आर्थिक विकास पर योगदान देते है। 
 
उदाहरण के लिए आप जिस Google पर अपने सवालों के जवाब ढूंढ़ते है उस Alphabet Inc. के CEO का नाम सुन्दर पिचाई है जो एक भारतीय है जिनका जन्म चेन्नई के मदुरई में हुआ है।
अन्य जानकारी 
Conclusion
 
तो दोस्तों अब आप अच्छे से NRI के बारे में जान गए , इस लेख में हमने NRI किसे कहा जाता है आदि NRI से जुड़ी बातों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई है। मैं आशा करता हूँ आपको हमारी यह जानकारी पसंद आयी होगी, यदि इस लेख की जानकारी अच्छी लगे तो इसे शेयर जरूर करे। 

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